Santosh sukh संतोष सुख
Kosh
खुद से सवाल क्यों इतना है,
यह मत पूछो क्या कितना है...
त्याग ही में संतोष है सारा,
जी लो यह जीवन जितना है...
मानव मानव को देगा क्या,
बस इश्वर एकमात्र दाता..
दाने-दाने का कारक वह
कोई जरिया एक है बन जाता...
एक तिनका भी ना जाएगा,
क्या लूटोगे क्या लुटना है,
खुद से सवाल क्यों इतना है,
यह मत पूछो क्या कितना है...
त्याग ही में संतोष है सारा,
जी लो यह जीवन जितना है...
खुशिहाली✍️