Khushiyon ke pitare खुशियों के पिटारे
खुशियों के पिटारे हैं जिनके,
कितने खुश किस्मत है वे....
खुशियों के पिटारे.........
मुख पर मुस्कानों की झाड़ियां,
जीवन में फूलों की लड़ियां......
अपनों के साए छत बनकर,
साया से मडराते रहते.....
कोई हो तकलीफ हमें कहना,
हम हैं यह बतलाते रहते...….
कुदरत ने जिनको जाना है,
पांव जमीन कहां पड़ते....
खुशियों के पिटारे...…..…
खुशियों के पिटारे हैं जिनके,
कितने खुश किस्मत है वे....
खुशियों के पिटारे.........
दुख के बादल क्या उन्हें पता,
दिल का कोई बोझ वे क्या जाने....
तन्हाई का वह रूप भयावह,
भला वे कैसे पहचाने......
दूजों के मुश्किल राहों में,
कांटे जो चुभते रहते......
उनको है महसूस भला क्या,
लोग दर्द कितने सहते...…
खुशियों के पिटारे......…
खुशियों के पिटारे हैं जिनके,
कितने खुश किस्मत हैं वे....
खुशियों के पिटारे..........….
खुशिहाली ✍️